🚩 महर्षि अगस्त्य — दक्षिण के महा-वैज्ञानिक, सामरिक मार्गदर्शक और रावण-वध के अंतिम सूत्रधार
राम जी के गुरु (भाग-3): ✍️ एक लेखक और चिंतक के रूप में मेरे विचार… जय श्री राम! 'राम जी के गुरुओं की दिव्य श्रृंखला' के प्रथम भाग में हमने कुलगुरु देवगुरु वशिष्ठ जी के अगाध ब्रह्मज्ञान, आंतरिक कूटनीति और उनके 'योग वशिष्ठ' के दिव्य उपदेश को गहराई से समझा था। इसके पश्चात्, द्वितीय भाग में हमने महामुनि विश्वामित्र जी के प्रचंड पुरुषार्थ, अस्त्र-विज्ञान और सामरिक रणनीति का अद्भुत चरित्र विश्लेषण किया। यदि आपने अभी तक इस श्रृंखला के पिछले दोनों भाग नहीं पढ़े हैं, तो आप यहाँ क्लिक करके उन्हें पढ़ सकते हैं: 👉 राम जी के गुरु (भाग-1): महर्षि वशिष्ठ और रघुकुल की आंतरिक कूटनीति 👉 राम जी के गुरु (भाग-2): महर्षि विश्वामित्र — महा-क्रांतिकारी, अस्त्र-वैज्ञानिक और सामरिक रणनीतिकार कुलगुरु वशिष्ठ ने जहाँ बालक राम के चरित्र और मर्यादा की नींव रखी, वहीं गुरु विश्वामित्र ने श्रीराम को महलों से निकालकर वन-जीवन में तपाया और दिव्य अस्त्र सौंपकर एक “मिशन” दिया। लेकिन जब श्रीराम वनवास के दौरान सुदूर दक्षिण की ओर बढ़े, तो रावण के प्रभाव-क्षेत्र के भीतर घुसकर लंका के साम्राज्यवादी आतंक को ...