राम जी के गुरुओं की दिव्य श्रृंखला' - इन्द्र का स्वर्ग ठुकराने वाले महायोगी: महर्षि शरभंग और श्रीराम की प्रतीक्षा
दण्डकारण्य में महर्षि शरभंग का आश्रम: प्रभु श्रीराम के प्रत्यक्ष दर्शन की अनन्य प्रतीक्षा। महर्षि शरभंग — वह महायोगी जिन्होंने श्रीराम के दर्शन के लिए ब्रह्मलोक का निमंत्रण स्थगित कर दिया ━━━━━━━━━━━━━━━ ✍️ एक लेखक और चिंतक के रूप में मेरे विचार… 🚩 जय श्री राम! 'राम जी के गुरुओं एवं ऋषियों की दिव्य श्रृंखला' में अब तक हमने उन महान ऋषियों को समझा है, जिन्होंने किसी न किसी रूप में श्रीराम के व्यक्तित्व, उनके धर्ममार्ग और भारतीय सांस्कृतिक चेतना को दिशा दी: महर्षि वशिष्ठ ने कुल-मर्यादा, धर्म और राजधर्म का अखंड आधार रखा… महामुनि विश्वामित्र ने श्रीराम को दिव्य अस्त्रों और राष्ट्ररक्षा का ज्ञान प्रदान किया… महर्षि अगस्त्य ने उन्हें दक्षिण भारत की आध्यात्मिक और सामरिक शक्ति से परिचित कराया… महर्षि वाल्मीकि ने उनके जीवन को अमर इतिहास बना दिया… महर्षि भरद्वाज ने ज्ञान, तप और राष्ट्रचिंतन का मार्ग दिखाया… और महर्षि अत्रि ने तप, गृहस्थ धर्म तथा आध्यात्मिक संतुलन का अद्भुत आदर्श प्रस्तुत किया। किन्तु अब… रामायण हमें एक ऐसे महायोगी के सम्मुख ले जाती है, जिनके जीवन की अंतिम और सबसे...